[1]
“समकालीन वैश्विक संकटों के संदर्भ में बौद्ध दर्शन का समाजशास्त्रीय विश्लेषण”, IJHCE, vol. 2, no. 5, pp. 20–23, May 2026, doi: 10.59828/ijhce.v2i5.53.