[1]
“आचार्य पद्माकर के काव्य में निरूपित तत्कालीन लोकविश्वास एवम् मान्यताए”, IJHCE, vol. 2, no. 7, pp. 25–28, Jul. 2026, doi: 10.59828/ijhce.v2i7.114.