जनपद सहारनपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापनात्मक संरचनाओं एवं सामाजिक सेवाओं के स्थानिक प्रतिरूपः एक भौगोलिक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.59828/ijhce.v2i6.104Keywords:
ग्रामीण विकास, अवस्थापनात्मक संरचना, सामाजिक सेवाएँ, स्थानिक प्रतिरूपAbstract
किसी भी क्षेत्र का ग्रामीण विकास उस क्षेत्र अथवा राष्ट्र के समग्र विकास का आधार होता है। ग्रामीण क्षेत्र की आधारभूत संरचना को विकसित संरचना तभी कहा जा सकता है, जब वहाँ की मूलभूत आवश्यकताएँ जनसंख्या के अनुपात में उपलब्ध हों। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य जनपद सहारनपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध अवस्थापनात्मक सुविधाओं तथा सामाजिक सेवाओं के स्थानिक प्रतिरूपों का विश्लेषण करना है। प्रस्तुत अध्ययन में विद्युत प्रसार एवं ऊर्जा स्रोत, संचार सेवाएँ, शिक्षा सेवाएँ, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ तथा प्रशासनिक सेवाओं जैसी सुविधाओं के वितरण और उपलब्धता का परीक्षण किया गया है। विभिन्न विकास खण्डों में उपरोक्त सुविधाओं के वितरण में गहरी असमानता है नगरों से दूर स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षाकृत आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। उपरोक्त अध्ययन में सहारनपुर के ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने हेतु उपयोगी सुझाव एवं योजनाएँ प्रस्तुत करना है।


