आधुनिक भारतीय आर्थिक चिंतन के विकास में दादाभाई नौरोजी, महादेव गोविन्द रानाडे, रोमेशचन्द्र दत्त एवं गोपाल कृष्ण गोखले के आर्थिक विचारों का विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors

  • डॉ. प्रिया अनिल मित्तल असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र, राजकीय महाविद्यालय मांट मथुरा Author
  • आत्मदेव पाठक शोधार्थी, अर्थशास्त्र, राजकीय महाविद्यालय मांट मथुरा Author

DOI:

https://doi.org/10.59828/ijhce.v2i6.106

Keywords:

दादाभाई नौरोजी, आर्थिक राष्ट्रवाद, ड्रेन थ्योरी, औपनिवेशिक आर्थिकी, भारतीय आर्थिक विचार

Abstract

यह शोध-पत्र आधुनिक भारतीय आर्थिक चिंतन के विकास में चार प्रमुख आर्थिक विचारकों दादाभाई नौरोजी, महादेव गोविन्द रानाडे, रोमेशचन्द्र दत्त एवं गोपाल कृष्ण गोखले के योगदान का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। औपनिवेशिक काल में ब्रिटिश आर्थिक नीतियों के विरुद्ध इन विचारकों ने जो आर्थिक विचार प्रस्तुत किए, वे भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ऐतिहासिक और विश्लेषणात्मक पद्धति अपनाते हुए इस अध्ययन में नौरोजी के 'ड्रेन थ्योरी', रानाडे के औद्योगिक विकास के विचारों, दत्त की कृषि अर्थव्यवस्था की समीक्षा और गोखले की जनकल्याण-केंद्रित आर्थिक नीतियों का गहन विश्लेषण किया गया है। शोध के परिणामों से प्रमाणित होता है कि इन चारों विचारकों ने एक समन्वित आर्थिक दृष्टिकोण विकसित किया जो आधुनिक भारतीय आर्थिक नीति निर्माण के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। गरीबी उन्मूलन, समावेशी विकास और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में इनके विचार आज भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

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Published

2026-06-30

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आधुनिक भारतीय आर्थिक चिंतन के विकास में दादाभाई नौरोजी, महादेव गोविन्द रानाडे, रोमेशचन्द्र दत्त एवं गोपाल कृष्ण गोखले के आर्थिक विचारों का विश्लेषणात्मक अध्ययन. (2026). International Journal of Humanities, Commerce and Education, 2(6), 39-44. https://doi.org/10.59828/ijhce.v2i6.106
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