गंगा यमुना दोआब क्षेत्र के भाषायी विकास पर भूगोल का प्रभाव

Authors

  • डाॅ0 आनन्द प्रकाश असि0 प्रो0 (भूगोल विभाग) धनौरी पी0जी0 कालेज, धनौरी, हरिद्वार Author
  • डाॅ0 पंकज कुमार असि0 प्रो0 (भूगोल विभाग) जे0वी0 जैन कालेज, सहारनपुर Author

DOI:

https://doi.org/10.59828/ijhce.v2i7.111

Keywords:

गंगा यमुना दोआब, सांस्कृतिक विविधता, भाषाई विविधता, भौगोलिक कारक

Abstract

गंगा यमुना दोआब क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी, उपयुक्त जलवायु तथा सांस्कृतिक समपन्नता ने विभिन्न भाषाओं एवं बोलियों के विकास और परम्परा, प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका प्रस्तुत की है। गंगा यमुना दोआब क्षेत्रों के मध्य स्थित यह क्षेत्र विभिन्न धर्मो और संस्कृतियों के सम्पर्क में रहा है, जिसके कारण इस क्षेत्र में भाषाई विविधता को निरन्तर बढ़ावा  मिलता रहा है। गंगा यमुना दोआब क्षेत्र की भौगोलिक विविधताओं ने न सिर्फ यहाॅं की भाषाई विविधताओं को संरक्षण दिया है, अपितु क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी सुदृढ़ बनाया है। प्रस्तुत शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य दोआब क्षेत्र के भाषाई विकास पर भौगोलिक कारकों के प्रभाव का अध्ययन करना है। यह शोध-पत्र क्षेत्र की भाषाई, सांस्कृतिक तथा क्षेत्रीय भूगोल के अध्ययन में उपयोगी सिद्ध होगा।

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Published

2026-07-14

Issue

Section

Articles

How to Cite

गंगा यमुना दोआब क्षेत्र के भाषायी विकास पर भूगोल का प्रभाव. (2026). International Journal of Humanities, Commerce and Education, 2(7), 1-4. https://doi.org/10.59828/ijhce.v2i7.111
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