हिन्दू धर्म में आत्महत्या एवं इच्छामृत्यु (PAS) का नैतिक विश्लेषण: भारत में महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक शोषण तथा आत्महत्या की प्रवृत्ति का तुलनात्मक अध्ययन

Authors

  • शैलेन्द्र सिंह शोधकर्ता, एन.आई.आई.एल.एम, विश्वविद्यालय, कैथल हरियाणा Author
  • डॉ. विकास दीप कोहली शोध निर्देशक, निदेशक विधि संस्थान, एन.आई.आई.एल.एम, विश्वविद्यालय, कैथल हरियाणा Author

DOI:

https://doi.org/10.59828/ijhce.v2i7.112

Abstract

आत्महत्या और इच्छामृत्यु आज के युग में  समाज के जटिल नैतिक, धार्मिक और सामाजिक विषयों में से एक है। हिन्दू धर्म सदैव से जीवन को पवित्र मानते हुए सामान्यतः आत्महत्या को अस्वीकार और निषेध करता है, जबकि कुछ विशिष्ट धार्मिक परम्पराओं में स्वैच्छिक मृत्यु के सीमित रूपों  का उल्लेख भी मिलता है, दूसरी ओर, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में चिकित्सीय सहायता प्राप्त आत्महत्या (Physician Assisted Suicide PAS) पर विश्व स्तर पर नैतिक बहस जारी है। भारत में महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, दहेज प्रथा, सामाजिक असमानता तथा लैंगिक भेदभाव जैसी कुरीतियों ने अनेक बार आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है। यह शोध पत्र हिन्दू धर्म की नैतिक शिक्षा, इच्छामृत्यु के विचार को तथा महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक शोषण के मध्य संबंध का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का निष्कर्ष है कि आत्महत्या किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों का परिणाम भी हो सकती है। जिसका असर वर्तमान समाज में दिखाई देता है।

मुख्य शब्द: हिन्दू धर्म, आत्महत्या, इच्छामृत्यु, चिकित्सीय सहायता प्राप्त आत्महत्या PAS, पयोपवेश, महिला शोषण, घरेलू हिंसा, नैतिकता

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Published

2026-07-17

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हिन्दू धर्म में आत्महत्या एवं इच्छामृत्यु (PAS) का नैतिक विश्लेषण: भारत में महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक शोषण तथा आत्महत्या की प्रवृत्ति का तुलनात्मक अध्ययन. (2026). International Journal of Humanities, Commerce and Education, 2(7), 5-9. https://doi.org/10.59828/ijhce.v2i7.112
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