उच्च माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के आत्म-सम्प्रत्यय के संदर्भ में समायोजन संबंधी समस्याओं का अध्ययन

Authors

  • डॉ० राजेश कुमार सिंह असिस्टेन्ट प्रोफेसर, शिक्षा संकाय विभाग, राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय, सिंगरामऊ, जौनपुर Author
  • डॉ० अनुभा शुक्ला सहायक आचार्य, शिक्षा संकाय, यू पी कॉलेज, वाराणसी, स्थानांतरण राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय सिंगरामऊ जौनपुर Author

DOI:

https://doi.org/10.59828/ijhce.v1i4.23

Keywords:

उच्च माध्यमिक विद्यार्थी, आत्म-सम्प्रत्यय, समायोजन, किशोरावस्था, समायोजन संबंधी समस्याएँ, मानसिक स्वास्थ्य, विद्यालयी वातावरण, मनोवैज्ञानिक परामर्श।

Abstract

प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के आत्म-सम्प्रत्यय एवं समायोजन स्तर का अध्ययन करना तथा समायोजन संबंधी समस्याओं की स्थिति को स्पष्ट करना था। अध्ययन के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित जनपद जौनपुर की तहसील शाहगंज के चार राजकीय एवं चार निजी माध्यमिक विद्यालयों से कक्षा 11 एवं 12 में अध्ययनरत कुल 400 विद्यार्थियों का चयन किया गया। विद्यार्थियों के आत्म-सम्प्रत्यय का मापन डॉ. एस.पी. अहलूवालिया द्वारा निर्मित आत्म-सम्प्रत्यय मापनी (CSCS-AS) तथा समायोजन स्तर का मापन प्रो. ए.के.पी. सिन्हा एवं प्रो. आर.पी. सिंह द्वारा निर्मित समायोजन आविष्कारिका (AISS) के माध्यम से किया गया। प्राप्त प्रदत्तों का विश्लेषण आवृत्ति एवं प्रतिशत के आधार पर किया गया।

अध्ययन के परिणामों से ज्ञात हुआ कि सर्वाधिक 62.5 प्रतिशत विद्यार्थियों का आत्म-सम्प्रत्यय औसत स्तर का था। इसके अतिरिक्त 23.5 प्रतिशत विद्यार्थियों का आत्म-सम्प्रत्यय पर्याप्त अथवा अत्यधिक पर्याप्त पाया गया, जबकि 14 प्रतिशत विद्यार्थी अपर्याप्त अथवा अत्यधिक अपर्याप्त आत्म-सम्प्रत्यय की श्रेणी में पाए गए। समायोजन के संदर्भ में 40.5 प्रतिशत विद्यार्थियों का समायोजन औसत स्तर का पाया गया। कुल 33 प्रतिशत विद्यार्थियों में औसत से ऊपर, उच्च अथवा अत्यंत उच्च समायोजन क्षमता पाई गई, जबकि 26.5 प्रतिशत विद्यार्थियों का समायोजन औसत से नीचे अथवा असंतोषजनक स्तर का था। समग्र रूप से 73.5 प्रतिशत विद्यार्थी सामान्य अथवा उससे बेहतर समायोजन स्तर की श्रेणी में पाए गए।

अध्ययन से निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि अधिकांश उच्च माध्यमिक विद्यार्थी आत्म-सम्प्रत्यय एवं समायोजन की दृष्टि से सामान्य स्थिति में हैं, तथापि लगभग एक-चौथाई विद्यार्थियों को समायोजन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए विद्यालय स्तर पर मनोवैज्ञानिक परामर्श, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, सकारात्मक प्रोत्साहन तथा शिक्षक-अभिभावक सहयोग की व्यवस्था करना आवश्यक है।

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Published

2025-12-30

How to Cite

उच्च माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के आत्म-सम्प्रत्यय के संदर्भ में समायोजन संबंधी समस्याओं का अध्ययन. (2025). International Journal of Humanities, Commerce and Education, 1(4), 55-60. https://doi.org/10.59828/ijhce.v1i4.23
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