महिला सशक्तिकरण एवं मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध

लेखक

  • खुशबू मल्ल शोधार्थी,समाजशास्त्र विभाग,यूएन पीजी कॉलेज पडरौना, सम्बद्ध-दी.द.उ. गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर ##default.groups.name.author##
  • डॉ. विश्वम्भर नाथ प्रजापति सहायक आचार्य, समाजशास्त्र विभाग, यूएन पीजी कॉलेज पडरौना, सम्बद्ध-दी.द.उ. गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.59828/ijhce.v2i5.62

सार

महिला सशक्तिकरण एवं मानसिक स्वास्थ्य समकालीन समाज के दो महत्वपूर्ण आयाम हैं, जिनका आपसी संबंध सामाजिक विकास और व्यक्तिगत जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक तथा निर्णयात्मक रूप से सक्षम बनाना है, जिससे वे अपने जीवन के संबंध में स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें। वहीं मानसिक स्वास्थ्य से आशय व्यक्ति की भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक संतुलन की स्थिति से है, जो उसके व्यवहार, सोच और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को प्रभावित करता है।इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य के मध्य संबंध को समझना, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के संदर्भ में, तथा उन कारकों का विश्लेषण करना है जो महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। अध्ययन में गुणात्मक शोध पद्धति तथा अन्वेषणात्मक शोध अभिकल्प का उपयोग किया गया है। इसके अंतर्गत द्वितीयक आंकड़ों जैसे पुस्तकों, शोध पत्रों, रिपोर्टों एवं अन्य प्रकाशित स्रोतों का विश्लेषण किया गया है।विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता, सामाजिक समर्थन एवं निर्णय लेने की स्वतंत्रता महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। इसके विपरीत, अशिक्षा, आर्थिक निर्भरता, सामाजिक प्रतिबंध तथा घरेलू हिंसा जैसे कारक महिलाओं में मानसिक तनाव, चिंता एवं अवसाद को बढ़ाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन समस्याओं की तीव्रता अधिक पाई जाती है, जहां संसाधनों की कमी एवं पारंपरिक मान्यताएं महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा उत्पन्न करती हैं।महिला सशक्तिकरण एवं मानसिक स्वास्थ्य के बीच गहरा एवं पारस्परिक संबंध विद्यमान है। यदि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समर्थन एवं समान अवसर प्रदान किए जाएं, तो उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार संभव है तथा वे समाज के विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।

मुख्य शब्द (Keywords): महिला सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सहयोग, आत्मविश्वास ।

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प्रकाशित

2026-05-15
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